रक्षाबंधन केवल रेशम के धागे या मिठाई की थाली तक सीमित रहने वाला त्योहार नहीं है।

 रक्षाबंधन केवल रेशम के धागे या मिठाई की थाली तक सीमित रहने वाला त्योहार नहीं है।

 यह वह खास दिन है जब हम साल भर के सारे झगड़े, टीवी रिमोट के लिए हुई लड़ाइयां और एक-दूसरे को खिझाने वाले किस्सों को भूलकर बस एक बात महसूस करते हैं: “तू जैसा भी है, मेरा है।”

क्यों खास है यह धागा?

कलाई पर बंधने वाली राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। इसमें बचपन की वो सारी यादें छिपी होती हैं जो हमने एक-दूसरे के साथ बांटी हैं।

निस्वार्थ प्यार और सुरक्षा: बहन चाहे छोटी हो या बड़ी, मुश्किल वक्त में हमेशा ढाल बनकर खड़ी रहती है। वहीं भाई, भले ही दिन भर टांग खिंचाई करे, लेकिन दुनिया के सामने अपनी बहन की सबसे बड़ी ताकत बनता है।

मीठी तकरार: “मुझे क्या गिफ्ट मिलेगा?” से लेकर “तू गोद लिया हुआ है!” तक के सारे मज़ाक इस रिश्ते को और भी खूबसूरत बना देते हैं।

गिफ्ट्स से बढ़कर हैं यादें

आजकल ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में गिफ्ट भेजना बहुत आसान हो गया है

 लेकिन त्योहार की सुबह की वो हलचल— “जल्दी तैयार हो जाओ, शुभ मुहूर्त निकल रहा है!”—की बात ही अलग होती है। लिफाफे में रखे पैसों या महंगे तोहफों से ज्यादा खुशी इस बात की होती है कि कोई आपको पूरे हक से दुलार रहा है।

दूर रहने वाले भाई-बहनों के लिए...

अगर आपका भाई या बहन किसी दूसरे शहर या देश में है, तो वीडियो कॉल पर ही सही, वो कलाई पर बंधी राखी दिखाकर जो मुस्कान खिलती है, वो सारे फासलों को पल भर में मिटा देती है।

इस रक्षाबंधन, सिर्फ तोहफे ही मत दीजिए। अपने भाई या बहन के साथ बैठकर चाय की चुस्की लीजिए, बचपन का कोई मजेदार किस्सा याद कीजिए और उनसे कहिए— “परेशान तो बहुत करते हो, लेकिन तुम्हारे बिना ज़िंदगी बहुत बोरिंग होती!”

Happy Raksha Bandhan 

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Lakshya Bhatia
Founder, Bite & Roam · 47 cities explored

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