अगर बनारस की गलियों में घूमते हुए आपसे पूछा जाए कि काशी की पहचान में क्या-क्या शामिल है, तो शायद आपके जवाब में गंगा, घाट, मंदिर, गलियां और बनारसी पान का नाम जरूर आएगा।
अगर बनारस की गलियों में घूमते हुए आपसे पूछा जाए कि काशी की पहचान में क्या-क्या शामिल है, तो शायद आपके जवाब में गंगा, घाट, मंदिर, गलियां और बनारसी पान का नाम जरूर आएगा।
बनारस का पान सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और मेहमाननवाजी का एक खास हिस्सा है। और इसी बनारसी पान का स्वाद लेने के लिए हम पहुंचे गदौलिया के मशहूर गामा पान भंडार।
गामा पान भंडार को बनारस की पुरानी और लोकप्रिय पान की दुकानों में गिना जाता है। उपलब्ध प्रकाशित स्रोत इसे लगभग 70 साल पुरानी दुकान बताते हैं।
गदौलिया पहुंचते ही दिखी बनारस की असली रौनक
गदौलिया बनारस के उन इलाकों में से है जहां कदम रखते ही शहर की असली रौनक महसूस होने लगती है। चारों तरफ लोगों की भीड़, छोटी-बड़ी दुकानें, गलियों की चहल-पहल और हर तरफ नजर आता बनारसी अंदाज।
इसी माहौल के बीच गामा पान भंडार पर पहुंचना अपने आप में एक अलग अनुभव था।
यहां पान बनाने का अंदाज भी देखने लायक है। पान के पत्ते पर अलग-अलग सामग्री को जिस तरीके से सजाया जाता है, उसे देखकर समझ आता है कि बनारसी पान को सिर्फ पान क्यों नहीं कहा जाता, बल्कि इसे यहां की संस्कृति का हिस्सा क्यों माना जाता है।
हमने खाया गामा पान भंडार का मीठा पान
हमने यहां मीठा पान ट्राई किया।
पहली नजर में ही पान काफी आकर्षक लग रहा था और जैसे ही इसे खाया, मुंह में मिठास और अलग-अलग स्वादों का बढ़िया मेल महसूस हुआ।
सच कहें तो बनारस घूमने का अनुभव और भी खास हो गया।
घाटों पर घूमना, गलियों में घूमना और बनारस के अलग-अलग स्वाद चखने के बाद आखिर में एक असली बनारसी मीठा पान मिल जाए, तो यात्रा का मज़ा वाकई दोगुना हो जाता है।
गामा पान भंडार की खास पहचान
गामा पान भंडार का नाम बनारस की प्रसिद्ध पान की दुकानों में लंबे समय से लिया जाता रहा है। पुराने मीडिया स्रोतों में भी इसे गोदौलिया की मशहूर दुकानों में शामिल किया गया है और यहां की स्पेशल गिल्लौरी का भी उल्लेख मिलता है।
2026 में भी गामा पान भंडार को वाराणसी की प्रतिष्ठित खाद्य दुकानों में शामिल किया गया। ‘वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ’ पहल में गामा पान भंडार समेत शहर के 12 प्रतिष्ठित खाद्य प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
यानी बनारस की खान-पान की पहचान में इस दुकान की अपनी एक खास जगह बनी हुई है।
बनारस आएं तो पान जरूर खाइए
बनारस की यात्रा सिर्फ मंदिरों और घाटों तक सीमित नहीं है। इस शहर को समझने के लिए इसकी गलियों में घूमना और इसके स्थानीय स्वादों को महसूस करना भी उतना ही जरूरी है।
और अगर आप गदौलिया की तरफ हैं, तो गामा पान भंडार का मीठा पान आपके बनारस के अनुभव में एक अलग मिठास जोड़ सकता है।
हमारे लिए तो इतना जरूर है—पान खाते ही बनारस घूमने का मज़ा डबल हो गया! ❤️
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